फिर हम दोनों नंगे ही बाहर आ गए. मैं उठा और आनंदी के कमरे की ओर बढ़ा. हिंदी XXX हम पंद्रह मिनट तक ऐसे ही लेटे रहे फिर मैंने अपने होंठ फिर से आनंदी के होंठों पर रख दिये. दीदी का ऑफिस काफी दूर था इसलिए मैं कार ले गया. मैंने दरवाजे को हाथ लगाया तो दरवाजा खुला हुआ था. सुबह करीब 8 बजे भाभी मुझे जगाने आई. उस साड़ी में दीदी क्या कयामत लग रही थी.थोड़ी देर में मुझे किसी की मिस कॉल आई मैंने देखा तो वो पूनम दीदी की थी. मुझे समझते देर न लगी और मैंने रिटर्न कॉल की तो दीदी ने फोन नहीं उठाया. मगर शादी की वजह से भैया-भाभी ने ऑफिस से छुट्टी ले ली तो कोई मौका नहीं मिल रहा था. अब हम दोनों बिल्कुल नंगे एक दूसरे के सामने खड़े थे. उनकी लाल रंग की ब्रा और पेंटी उस नाइटी में से साफ दिखाई दे रही थी.मैंने दरवाजा बंद किया और अंदर आ गया. मेरा नाम प्रकाश है, मैं दिल्ली का रहने वाला एक इंजीनीयर हूँ. मैं ऑफिस पहुंचा तो चपरासी ने कहा- मैडम बॉस के साथ मीटिंग में हैं! वैसे तो सिड पढ़ाई में अच्छा है लेकिन जैसा मैं पहले ही बता चुका हूँ, वह एक नंबर का ठरकी है वो भी बस भाभी को देखने के लिए ही पढ़ने आता था.एक शुक्रवार की बात
>
गांव की देसी लड़की के साथ जंगली रात, कॉलेज की छोरी की चिकनी चूत में जोरदार ड्रिलिंग
Related videos














