मुझे लगा की मैं कही गलत तो नहीं कह दी क्या सोचेगा। इतनी उम्र की हो गई है पति तो दिन भर प्रवचन सुनता है और ये यहाँ जवान बनी फिर रही रही।पर मैं सोची कोई बात नहीं जो होगा देखा जाएगा। यही सोचकर मैं आराम से रात को खाना बनाई और खाई भी। रात को जी टीवी पर डीएनए देख रही थी। तभी उसका मैसेज आया व्हाटप्प पर की आपने जो बोला था। क्या मैं सच में आ जाऊ? हिंदी XXX अपने आप को मेंटेन करके रखी हूँ। हॉट भी हूँ खुबसूरत भी हूँ।मुझे लगा की अपने आप को बूढी कहना ठीक नहीं होगा। क्या पता किसका कब क्या होगा। मजे ले लो ज़िंदगी का क्यों सोचना इधर उधर की बातें। दोस्तों मेरे फ्लैट के ऊपर फ्लोर पर एक लड़का अखिलेश रहता है जो की इंजीनियरिंग कर रहा है।उसके मम्मी पापा दोनों आगरा में रहते हैं दोनों जॉब करते हैं तो ये लड़का अकेले ही रह कर पढाई कर रहा है। उसके पेरेंट्स ये सोचते हैं मैं उसका ख्याल रखती हूँ। और रखती भी हूँ पहले तो बेटे की तरह था पर रिश्ता बना सेक्स तब से तो मैं खुद जवान महसूस करने लगी हूँ। और उसको अपना यार मानने लगी हूँ। क्यों की रिश्ता अब कुछ और हो गया है।अखिलेश कभी कभार मजाक भी मुझसे कर लेता था कभी ये भी कहता















