और जोर से पेलिए ….ऊँ. XXX Hindi मेरे पास पैसा नही है। बोलिए तो कुछ और दे दूँ” स्वस्ति बोली और अपने ब्लाउज की तरफ आंखो से इशारा करने लगी.मैं मुस्कुराने लगा।“आप इतनी खूबसूरत है की मैं इस चीज से काम चला लूँगा” मैं बोला.उसके बाद उसे लेकर सोफे पर बैठ गया। स्वस्ति बहुत खुले मिजाज वाली औरत थी। उसका चेहरा गोल था और काफी बड़ा सर था। उसके गाल सफ़ेद चिकने थे और उसका चेहरा बहुत आकर्षक था। वो मुझसे चिपकने लगी। मैं भी उसके करीब आ गया। फिर हम दोनों किस चालू कर दिए। स्वस्ति शादी शुदा औरत थी। मुझे ऐसी औरतो को खाना बहुत पसंद था।“मुझे किस करो!!” मैंने कहा.स्वस्ति ने मेरे चेहरे को दोनों हाथो से पकड़ लिया और हम दोनों पास आकर किस करने लगे। मैं उसके होठो को देख रहा था। स्वस्ति के होठ अंगूर जैसे थे। उपर नीचे दोनों ओंठ काफी मोटे मोटे और सेक्सी थे। मैं उसे चूसने लगा। वो भी मस्ती से चुसाने लगी। फिर वो भी मेरी तरह अपना मुंह चला चलाकर मेरे होठ चूसने लगी।इस तरह गरमा गर्म चुम्बन करने से हम दोनों ही काफी सेक्सी फील करने लगे। वो सोफे पर और आगे खिसक आई और फिर 10 मिनट तक मेरा गहरा चुम्बन करती रही। ऐसे में मेरा लंड खड़ा हो गया। मैंने उसे कमर से पकड़ लिया और खुद से चिपका










