उसके पास डिक पर बैठने के सिवा कोई चारा नहीं

राम प्रसाद ने अखिल को कहा आप चाहे तो मैं आपको शहर छोड़ देता हु. हिंदी XXX शाम को अँधेरा पड़ने पर दीनू जग गया.अखिल सौम्या बैठे बैठे सो रहे थे. बड़ा महात्मा था तो छोटा शैतान था.बड़े भाई की वजह से उसकी शराब औरत आदते नहीं चलती थी. अब तुम्हे मुझसे बच्चा नहीं होगा.सौम्या ने हाथ हटा दिए दीनू ने ब्लाउज के हुक्स खोले और उसके खड़े निप्पल्स पर टूट पड़ा. मैं भी वही जा रहा हु.अखिल को किसी भी हालत में पहुँचाना था. उसने सोचा की अगर उसने तमाशा किया तो राम दीनू को मार ही देगा और राम के अच्छे स्वाभाव के कारण उनको लिफ्ट मिली थी.वो चुप चाप बैठी रही दीनू के सिर्फ दोनों हाथ ही पर्दे के बाहर थे. सौम्या को काफी गुस्सा आया पर वो चुप बैठी रही. उसकी माल तो ऑफिस में थी.सौम्या वैसे तो शरीफ और शर्मीले किस्म की लड़की थी. बाद में गाल फिर गला. सौम्या पीछे खिसक कर बैठ गयी. राम प्रसाद को मुँह पोछता हुआ दीनू देखकर कुछ अजीब सा लगा. दीनू की तरफ सौम्या की पीठ थी. सारी चाय सौम्या के ड्रेस पर जा गिरी. बड़े का नाम राम प्रसाद था. अखिल और वो ढाबे वाले से पूछने के लिए वापस गए.

उसके पास डिक पर बैठने के सिवा कोई चारा नहीं

Actors: India Summer

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