एक गोरी सहायिका चिल्लाती है जब उसका काला बॉस अपना मोटा लंड उसकी चूत और गांड में जोर-जोर से धंसाता है

क्यूंकि मैं बहुत जोर जोर से सर के लौड़े पर थिरक रही थी. क्यूंकि जिस तरह मैंने सर को देखा था उसी दिन ये तय कर लिया था की एक न एक दिन इनका लौड़ा जरुर खाऊँगी. XXX Hindi मेरे मस्त मस्त सफ़ेद आम सर के पैरों पर छू रहे थे. अपने चाक़ू जैसे तेज दांतों से मेरे पेट, नाभि, मेरे चिकने गठीले कंधे जोर जोर से काटने लगे.मुझे बहुत आनन्द आने लगा. कुछ देर बाद हमदोनो का फिर से मौसम बन चुका था.‘रोज़ा!! पर तुम्हारे जैसी नाजनीन मैंने आज तक नही देखी. धीरे धीरे उनका हाथ भारी और भारी होता गया. पता नही उसको कौन सी सनक लगी. पीठ पर जगह जगह चूमने लगे, बड़े प्यार से चुम्मी देने लगे. उनका लौड़ा बड़ा ही मीठा. वो मेरे मम्मो पर सब जगह हाथ लगाने लगा.मुझे बहुत अच्छा लगने लगा. हाथ से जोर जोर से मेरी गेंदों को दबाने लगे. सर जैसा मन करता था, वैसा मुझे खा रहे थे. फिर सर मेरे पेडू पर आ गए और पेडू को काटने लगे. सर ने अपना मुँह मेरे लाल भोसड़े पर रख दिया और पीने लगे. मेरी चूत की दीवारों से, उसके गोल गोल छल्ले से गर्म, गाढ़ा , चिपचिपा माल बहने लगा जिसने विकास सर के लौड़े को खूब चिकना कर दिया. क्या सारा दिन दूध ही पियेंगे???’ मैंने कहा.पर सर तो अभी भी मेरी

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