मैने केवल गाउन पहन रखा था. थोड़ी देर तक मालिश करवाने के बाद मैने कहा, अब तुम मेरे हाथों की मालिश करो. हिंदी XXX मैं उसके लंड को सहलाने लगी तो थोड़ी ही देर में उसका लंड एक दम लोहे जैसा हो गया. मैने कहा, तुम्हारा लंड तो उनके लंड से ज़्यादा लंबा और मोटा लग रहा है. मैं किचन में चाय बनाने चली गयी.थोड़ी देर बाद मैं चाय ले कर आई. वो मुझसे अपना लंड चाटवा कर बहुत खुश हो रहा था. मैं कल नहीं आउन्गा.उसके बाद सुनील चला गया. वो पॅंट और शर्ट पहन ने लगा तो मैने कहा, घर में पॅंट शर्ट पहन ने की कोई ज़रूरत नहीं है. उसने मेरी दोनो चुचियों के निपल्स को पकड़ कर धीरे धीरे मसलना शुरू कर दिया और मुझे चूमने लगा. घर वापस आते आते रात के 8 बज गये. मैं अभी तुम्हारे लिए कपड़े का इंतेज़ाम कर दूँगी.सुनील एक टवल लपेट कर बाहर आ गया. थोड़ी देर तक मालिश करवाने के बाद मैने कहा, अब तुम मेरे हाथों की मालिश करो. एक दिन सुनील ने कहा,क्या बात है बबिता, आज कल तुम बहुत उदास रहती हो.मैने कहा बस ऐसे ही.वो बोला, मुझे अपनी उदासी की वजह नहीं बतओगि, शायद मैं तुम्हारी उदासी दूर करने में कुछ मदद कर सकूँ.मैने कहा, अगर तुम चाहो तो मेरी उदासी दूर कर सकते हो.















