क्या भरी भरी गोरी सफ़ेद और चिकनी टांगे थी उनकी। लालटेन की रौशनी धीमी थी पर इसके बावजूद मैंने उनके जिस्म की खूबसूरती को निहारा सकता था।मैंने बड़ी देर तक उनकी टांगों को सहलाया और चूमा। उनकी भरी गोल मटोल जांघों को मैं खूब सहलाया। फिर मैंने उनकी चिकनी साफ़ चूत पर अपना हाथ रख दिया और सहलाने लगा। मामी “….उंह उंह उंह हूँ.. देखो मौसम कितना बेईमान है! XXX Hindi कितना खूबसूरत बदन था मामी का। अभी उनके कोई बच्चे भी नही हुए थे इसलिए वो अभी भी कड़क माल थी। मैंने उनको बाहों में भर लिया और होठो को किस करने लगे। उन्होंने अपने बाल भी खोल लिए थे और तौलिये से पोछ लिया था।अब खुले बालों में वो और सेक्सी लग रही थी। हम दोनों लिप लोक होकर किस लगे। बार बार मेरा हाथ अपनी खूबसूरत और चुदक्कड मामी की चूत पर चला जाता था। वो कुछ नही कह रही थी। क्यूंकि आज उनका भी चुदवाने का मन था। फिर मैंने अपना हाथ उनके बूब्स पर रख दिए। लालटेन की धीमी रौशनी में मैंने उनकी भरी हुई छातियाँ देखी।उफ्फ्फ्फ़ !! रुको जला रही हूँ!!” मामी बोली.मामी का बदन बारिश से भीग गया था। घर में सब तरफ जगह अँधेरा था। उन्होंने किसी तरह लालटेन जलाई। जैसे ही मेरे पास आकर मामी जमीन पर लालटेन रखने लगी उनका साड़ी का पल्लू सरक















