भाभी और मेरी बहुत जमती है और जमती भी क्यों ना हो, में हूँ ही इतना खुले विचारों का और मेरा व्यहवार सभी के साथ बहुत अच्छा है.में बहुत ज्यादा हंसी मजाक से सभी को खुश करता था, इसलिए मुझसे सभी लोग बहुत खुश थे और मेरा साथ उनको अच्छा लगता था. हिंदी XXX दोस्तों मैंने उनकी बात को सुनकर उनके ऊपर बहुत विश्वास और साथ में बड़ी हिम्मत जुटाकर बोल दिया.कि भाभी आप मुझे बहुत पसंद हो और में आपको यह बात बहुत दिनों से कहना चाहता था, लेकिन तब तक मुझमें इतनी हिम्मत नहीं थी, इसलिए में अब तक बस आपको अपनी चोर नजर से देखकर अपने मन हो बहलाता रहा, मुझमें आगे बढ़ने की बिल्कुल भी हिम्मत नहीं थी.अब भाभी मुझसे बोली वाह धन्यवाद श्रवण और क्या क्या पसंद है तुम्हें? इसलिए अपने मुझसे ऐसा सवाल पूछ लिया? इसलिए अपने मुझसे ऐसा सवाल पूछ लिया? फिर उन्होंने लंड को चूत से बाहर निकाल लिया और सीधे अपने मुहं में लेकर अब वो मुझे चूसने के मज़े देने लगी अहहहह आईईईइ.और फिर में भी हल्के हल्के धक्के देता रहा और कुछ धक्कों के बाद में उनके मुहं में झड़ गया और उन्होंने मेरा पूरा माल पी लिया. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.जिसकी वजह से वो उछल पड़ी और उनके मुहं से आअहह आईईईईई उफ्फ्फफ्फ्फ़ की आवाजे















