मैं तो हमेशा से आपने मिलना चाहती थी पर आप सिर्फ़ एक घंटा मेरे लिये निकालोगे, यह मुझे नहीं पता था।”उन्होंने कहा, “तुम घरेलू औरत हो और ज्यादा घर से बाहर भी नहीं जाती हो, मैं तो ज्यादा समय निकाल लूंगा पर तुम बताओ क्या घर से निकल पाओगी….? हिंदी XXX बीच में तुम्हारी साड़ी आ गई नहीं तो पता है तुम्हारे कूल्हे कहाँ जा टकराएँ हैं? मेरी उत्तेजना भी लगातार बढ़ने लगी। परन्तु मेरी समझ में नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूँ? बीच में तुम्हारी साड़ी आ गई नहीं तो पता है तुम्हारे कूल्हे कहाँ जा टकराएँ हैं? मेरी उत्तेजना भी लगातार बढ़ने लगी। परन्तु मेरी समझ में नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूँ? मेरे जैसी कितनी से दोस्ती निभा रहे हो आजकल आप?अभिषेक- चैट तो दो से होती है पर दोनों ही तुम जैसे अच्छी पारिवारिक महिला हैं। क्योंकि अब हम इस उम्र में नहीं है कि बचकानी बातें कर सकें। तो मैच्योर लोगों से ही मैच्योर दोस्ती करनी चाहिए।मैं अभिषेक की सत्यवादिता की कायल थी फिर भी मैंने और जानकारी लेनी शुरू की।मैं- अच्छा, यह बताओ आपने अपने जीवन में कितनी महिलाओं से यौन सम्बन्ध बनाया है?अभिषेक ने सीधे सीधे जवाब दिया- सात के साथ!















