भैया के साथ नहीं मरती हो?वो बोली- भैया तो सिर्फ़ डालना जानते हैं.. पानी निकाला और सो गए। मैं बोला- चलो इस बार अच्छे से करूँगा।तो वो मान गईं। मैं धीरे-धीरे उनके गालों को चूमने लगा। मैं गालों से उनके होंठों तक पहुँच कर उनके निचले होंठों को चूसने लगा और पीछे से उनको सहलाए जा रहा था। धीरे-धीरे भाभी गर्म होने लगीं और उनकी साँसें तेज होने लगीं। मैं भाभी के होंठों को चूसता हुआ अपने हाथों को उनकी चुची पर ले गया।पहले तो वो मना करने लगीं.. हिंदी XXX आपसे चुदाई नहीं होगी। मैं नीचे लेट गया.. भाभी कुछ देर निढाल होकर पड़ी रहीं। इसके बाद भाभी कहने लगीं- जल्दी से ऊपर आ कर अन्दर डालिए.. तो उनसे बोल कर आया कि भाभी मेरा उधार रहा.. पर कोई मौका हाथ ना लगा। मैं जिस दिन अपने घर वापस आ रहा था.. मैं तो मर ही जाती.. शायद उनका काम नहीं हुआ था, जिससे मैं थोड़ा उदास हो गया। भाभी धक्के मारती हुई बोलीं- कोई बात नहीं जी.. मेरा नाम रितेश है.. और बोला- एक बार इनका रस पिला दो।भाभी बोलीं- बस एक बार ही.. बस एक बार मिल जाए तो जन्नत नसीब हो जाए।भाभी ‘चुप बदमाश..’ बोल कर पलंग पर लेट गईं।हम दोनों इधर-उधर की बातें करने लगे।भाभी ने मुझसे पूछा- आपकी गर्लफ्रेंड है?तो मैंने भी बोल दिया- हाँ है।भाभी ने पूछी- कहाँ















