पंडिताइन पुरे मूड में थी।उसने इशारा किया की दुकान के बगल का गेट उसने खोल दिया है। कल्लुआ अंदर आ सकता है। कल्लुआ झट से सड़क पार करके पंडिताइन के घर में घुस गया। गुप्ताइन ने अपनी 10 साल की लड़की को दूकान पर बैठा दिया था। अंदर जाते ही कल्लुआ ने पंडिताइन को पकड़ लिया।ये प्यार व्यार वाला रिश्ता नही था। ये शुद्ध चुदास और चोदन शास्त्र वाला रिश्ता था। कल्लुआ वैसे भी प्यार व्यार में यक़ीन नही रखता था। उसके बारे में लोग कहते थे की वो एक बार में 3 3 औरतों को भजतां था। कल्लुआ हर रोज 1 किलो भैंसे का गोश खाता था।सायद इसी मारे उसे बुर की बहुत जरूरत थी। वो राक्षसों की तरह औरतों को नंगा करके बेदर्दी से चोदता था। चोदन करने से पहले वो औरतों को बता देता था की नाजुक औरतों की उसे जरूरत नही है। जो औरत 5 6 घण्टे लगातार चुदवा सके वही रुके। वो औरतों को हर दिन के हिसाब से 200 कभी 300 रुपए दे देता था।कभी उसे कोई औरत जम जाती थी तो 500 600 भी खर्च कर देता था। उसकी जमीन फाड़ चुदाई के बारे में पूरा इमामबाड़ा जानता था। एक तो इमामबाड़े में मुसलमान बस्ती थी। बहुत आबादी थी। बहुत औरते थी जो गरीब थी। जादातर गरीब औरते जिस्म फरोशी करती थी।इमामबाड़े में कल्लुआ को















