आख़िर कर साहिबा उठी और बाथरूम की तरफ बढ़ गयी. आज़म के उस मोटे लंड ने साहिबा को मदहोश कर दिया था. हिंदी XXX जिस की वजह से हॉस्पिटल में काम का बोझ बढ़ गया और अब साहिबा को जॉब से फारिग होते होते रात को काफ़ी देर होने लगी. ऐसे ही दिन गुज़र रहे थे. आज़म ने एक आध दफ़ा तो जैसे तैसे कर के फर्श पर बिस्तर लगा कर रात गुज़ार ही ली.फिर कुछ दिनो बाद आज़म ने साहिबा को बताए बगैर एक और बेड खरीदा और उस को ला कर अपने बेड रूम में रख दिया. साहिबा को अपने भाई के मोटे लंड को अपनी चूत के अंदर लेते वक़्त हल्की हल्की तकलीफ़ तो हो रही थी.लेकिन जोश में होने की वजह से उसे अब किसी भी तकलीफ़ की परवाह नही थी. लेकिन वो इतने करीब थे कि नींद में करवटें बदलते हुए इंसान एक बेड से दूसरे बेड पर ब आसानी जा सकता था.“तो इसका मतलब में ही… अपने भाई के बेड पर…. फुद्दि में लगा तार पड़ रहे ज़ोरदार धक्कों से ज़ाहिर हो रहा था. खुद को नंगा करते ही एक भी लम्हा ज़ाया किए बैगर आज़म फॉरन अपनी बहन साहिबा की खुली टाँगों के बीच आया और अपना लंड अपनी बहन की चूत के मुँह पर टिका दिया.अपने भाई के मोटे ताज़े और जवान लंड का अपनी गरम










