घुसाओ ना आहआह…पापा के होंठों पर हल्की सी मुस्कान आ गई और पापा ने मेरे होंठों को चूसते हुए अपनी कमर पर दबाव बनाया जिससे थोड़ा और लंड अन्दर सरक गया। पापा ऐसे ही धीरे-धीरे आगे-पीछे करते रहे और थोड़ा-थोड़ा करके लौड़ा अन्दर करते रहे।दोस्तों सच बताऊँ मुझे पता ही नहीं चला कि उस हल्के दर्द में ही पापा ने अपना पूरा लौड़ा मेरी चूत में जड़ तक घुसा दिया था। पापा बहुत ही मंजे हुए खिलाड़ी हैं, उनको हक़ था मेरी सील तोड़ने का.. आज तुझे कली से फूल बनाने का वक्त आ गया है।पापा ने एक हाथ से मेरी चूत को खोला और लौड़ा मेरी चूत पर सैट किया।पापा- विनीता.. XXX Hindi ज़रा भी दर्द नहीं होने दूँगा.. कुत्तों ने कैसे ज़ोर से दबाए हैं तेरे छोटे-छोटे चूचे.. मगर डर है कहीं साली तू मर-वर गई तो हमें मुफ़्त की नौकरानी कहाँ से मिलेगी.. आह निकाल.. कुत्तों ने कैसे ज़ोर से दबाए हैं तेरे छोटे-छोटे चूचे.. साली ने नहीं चूसा.. तेरी गाण्ड तो बड़ी मस्त है.. साला किसी ने सच ही कहा है लौड़ा कितना भी बड़ा हो.. साली एक ही दिन में ऐसी पक्की राण्ड बन गई है कैसे मेरे लौड़े पर उछल कर मज़े ले रही थी।विनीता- पापा ये सब आपका कमाल है.. आराम से चूस उफ़फ्फ़.. देखो सूजन भी आ रही है.. तो क्यों बेकार में वक्त खराब कर















