मेरी चूत तो पहले से ही तैयार थी, रास्ता मिलते ही लण्ड थोड़ा अंदर घुस गया !भैया लण्ड को आगे पीछे कर के मुझे चोदने लगे !पहले चौथाई लण्ड से थोड़ी देर तक चोदते रहे, फिर मुझे थोड़ा आराम मिलते ही आधे लण्ड से चोदने लगे ! XXX Hindi मेरे पूरे चेहरे को चूमने लगे, और बीच बीच में मेरे होंठ भी चूस लेते थे ! मेरे बार बार भैया कहने पर भैया को और जोश आ जाता था, और मैं हर बात पर भैया लगाना नहीं भूलती थी !ऐसा मज़ा ज़िन्दगी में पहली बार आया था ! भैया ने पांचवां पैग बना लिया और मेरे लिए तीसरा, अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था, मैं भैया का लण्ड सहलाने लगी थी, और जेठ जी का लण्ड भी हरकत में आने लगा था और उनका हाथ मेरी चूचियों को लगातार मसल रहे थे !इन सब बातों के बीच ही मेरी हालत ख़राब हो गई थी, चूत से पानी लगातार बह रहा था ; मैं भैया का लण्ड मुंह में रखकर चूस रही थी !क्या किस्मत लेकर आये थे मेरे जेठ जी, रोज़ नया माल, ज्यादातर कुंवारी और औरतें खुद चलके आती थी की मुझे चोदो ! बहुत ज्यादा सनसनाहट सी हो रही थी ! जेठ जी ने ही मेरी चूची कि शेप बिगड़ी थी, चूमकर और चूसकर, मैं अब सब भैया से सीख गई










