जी तो कर रहा था कि मना कर दूँ लेकिन तबतक मैं इतनी गरम हो चुकी थी कि मुझे भी थोड़ी शांति की ज़रूरत थी इसलिए इसके बाद मैं कुछ नही बोली। डाक्टर साहब ने मेरे बदन का निचला हिस्सा बिल्कुल नंगा कर दिया और वह मेरे जिस्म जानना अंग मे अपना मर्दाना अंग घुसने ही वाले थे कि उनका मोबाइल फ़ोन बज उठा।यह शायद उसकी बीवी होगी, क्योंकि मुझे फ़ोन से एक औरत की आवाज़ सुनाई दे रही थी… वह काफ़ी गुस्से में थी। फ़ोन जैसे तैसे रखने के बाद उन्होने मुझ से कहा, “माफ़ करना जोया, मुझे जाना होगा…” मैने देखा की उनका लिंग अब बिल्कुल ढीला पड़ गया है।मुझे बड़ा गुस्सा आया मैने कहा, “हरामजादे, लड़की को चोदने के बहाने नंगा कर के बोलता है की जाना होगा? बाप रे बाप क्या बदबू मार रही है… क्या हुआ कुछ बोलेगी भी क्या…?” और फिर क्या था? XXX Hindi कहाँ थी इतनी देर तक…? पार्टी से लौटते वक़्त, मैं कार थोड़ा तेज ही चला रही थी। एक तो देर हो जाई थी, दूसरा, रात के तीन बजने वाले थे, मेरा घर रेलवे फाटक के दूसरी ओर था और एक बार माल गाड़ियों की आवाजाही शुरू होने की वजह से फाटक बंद हो गया; तो कम से कम आधा घंटा या फिर उससे भी ज़्यादा वक़्त के लिए अटक के रहना पड़ेगा। Dardnak















