मनीष को ये सब सुन के बहुत ही मजा आ रहा था. XXX Hindi वो कैसे उतनी जल्दी जाने देती अपने देवर को. उसने पूनम को देख के कहा मैं धंधेवाली हूँ जिसे तूने बहुत चाय पकोड़े खिलाये! मनीष का लंड आधा गांड में गया था की भाभी उछल पड़ी. हल्का नोक किया और मनीष ने ही खोला. पूनम भाभी तो पहले दिन से ही सब खेल समझ गई थी. दरअसल उसने तो ये सब खेल देवर जी का लंड लेने के लिए ही किया था. उसने कहा, उस से क्या फर्क पड़ता है लेकिन मेरे पास क्लिप है आप का!मनीष बोला, आप चाहती क्या है?पूनम उसके पास आई और पेंट के ऊपर से ही उसके लौड़े को पकड के बोली, वही जो तू उसके साथ करता था वो मेरे साथ कर ले!मनीष का दिमाग फिर गया. बाप रे पूनम का दिमाग ही सन्न रह गया. पूनम ने खुद को संभाला. पढ़ाई का बहाना कर के वो दोनों कमरे में साथ में घुसते थे. और मनीष ने अपनी ज़िप को खोल दिया. उसने पूनम को देख के कहा मैं धंधेवाली हूँ जिसे तूने बहुत चाय पकोड़े खिलाये! वो लंड पूरा 7 इंच का था और मोटाई भी 2 इंच से अधिक थी.















