तो उसका क्या करते हैं? हिंदी XXX पति की छोटी सोच.. मैं भोली-भाली सी थी… मगर माँ पर गई थी.. वैसे भी बेडरूम में और क्या काम था।फिर टीवी बन्द करके मैगजीन पढ़ने लगी.. उसने जरूर मेरे मदमस्त यौवन पर गौर किया होगा.. तो शादी की गर्मी लगभग ख़्त्म ही समझो। बिल्कुल मेरे माता-पिता की तरह पति भी मेरी खूबसूरती से परेशान थे। उनकी नाकामयाबी.. यही सब सोचते हुए मैं अपने भांजे से रिश्ता बनाने के लिए सोचने लगी।फिर मैंने किसी विद्वान की उस उक्ति को ध्यान में लिया.. जैसे मैंने सपना देखा.. वो बिस्तर के बगल के टेबल पर रखी थी।उसे मैंने हाथ में लेकर अपनी योनि के लिए परखा.. संभोग और काम कला के आसान किस तरह के होंगे.. भान्जे के वीर्य की गंध कैसी होगी? पति की छोटी सोच.. पति देर से घर आते हैं और वो भी शराब के नशे में धुत्त होकर आते हैं। हर शनिवार अपने निकम्मे दोस्तों के साथ दारू पीते और घर लौट कर चुपचाप सो जाते।परवेज का कॉलेज सिर्फ़ आधे दिन के लिए खुलता और वो दोपहर को लौट आता था। मेरी योजना के मुताबिक उसके लौटने के बाद हम दोनों के पास 10 घंटों का एकांत समय होता था.. जब तन की गर्मी बढ़ने लगी।उन हसीन रसीली काम-शास्त्र की किताबों और पत्रिकाओं से..










