तुम झांटे नही बनाते?? मेरी परमिशन है! XXX Hindi मैंने नंदिनी से कहा.अब वो सहज हो गयी और अच्छी तरह मेरा लण्ड चूसने लगी। मैंने मजे से अपने दोनों हाथ अपने सिर के नीचे रख लिए।अजीत! आज चूत दे दे!! मेरे मुँह से निकल गया।मैं नंदिनी जी को पेलने खाने लगा। मन में यही हल्का डर था कि कहीं भाभी या मम्मी छत पर आ गयी तो बड़ी मुसीबत हो जाएगी। क्योंकि छत पर कोई दरवाजा भी नही लगा था। बस यही दिक्कत थी। पर रिस्क तो लेना ही पड़ता है अगर किसी को चोदना है तो।नंदिनी जी आराम से सीधी गाय की तरह पेलवाती रही और मैं उनको बजाता चला गया। खूब चोदा मैंने उसको। फिर उसके दोनों पैरों को मैंने उसके पेट पर क्रोस बनाके मोड़ दिए, एक टांग दूसरे के ऊपर रख दी और धकाधक चोदने लगा। इस मुद्रा में मुझे गहरा पेनिट्रेशन मिल रहा था।और गहराई से मैं अपनी साली को चोद पा रहा था। मैंने उसे खूब देर लिया, जब मैं झड़ने तो मैंने लण्ड निकाल उसकी बुर से निकाल लिया और माल उसके पेड़ू पर गिरा दिया। नंदिनी ने मेरा माल अपनी ऊँगली से उठाया और पूरा पी गयी। अब मैंने नंदिनी को उठा दिया। टाट के मोटे बोरे पर मैं खुद लेट गया और नंदिनी से लंड चुसाने लगा। नंदिनी तो जानती ही नही थी की लड़कियों















