फिर मेरी माँ नहाने बाथरूम में चली गई और फिर बाहर आकर उन्होंने दोपहर का खाना बनाया और फिर हम दोनों खाना खाकर अपने अपने कमरे में सो गये। फिर उसे रात मैंने कम से कम चार बार मुठ मारी तब जाकर मुझे नींद आई और फिर मैंने प्लान भी बना लिया भोसड़ी की चूत को चोदने का।तो सुबह होते ही में झट से उठा और मैंने एक पतला टावल अपने मुहं पर रख लिया और कंप्यूटर की तरफ़ पैर रखा जिससे कंप्यूटर के ऊपर बनने वाली इमेज से मुझे पता चल जाए कि कोई आ गया है या आ रहा है और फिर लंड को पूरा खड़ा करके सो गया और बाहर सलामी देने लगा..लेकिन मुझे ज्यादा मेहनत नहीं करनी कड़ी क्योंकि एक तो यह खुद ही माँ के ख्याल से ही खड़ा हो जाता है और दूसरा सुबह का टाईम भी था अपने आप भी खड़ा रहता है। फिर मेरा लंड माँ की शान में खड़ा होकर सलामी दे रहा था और फिर माँ मेरे पास आई और जैसे ही उसकी नज़र मेरे खड़े लंड पर पड़ी तो वो हड़बड़ा गई और जल्दी से कमरे का झाड़ू मारा और बाहर निकली.. XXX Hindi शायद मुझे बुखार आने वाला था। माँ बोली कि में तेरे सारे बदन पर तेल लगा देती हूँ और तेल गरम करके लाने चली गई।फिर जब वो आई तब















