थोड़ी देर बाद 12 बजते ही लाइट ऑफ हो गई पता नहीं कितनो ने मेरे बूब्स दबाये कितनो ने मुझे किश किया.जब लाइट आई तो मैंने देखा फरहान के दोनों हाथ मेरे बूब्स पर थे और धीरज के हाथ मेरी हिप्प पर. मैं उसके ऊपर बैठ रही थी पर फिर भी वो अंदर नहीं जा पा रहा था.थोड़ी देर मेहनत के बाद अंदर गया जब उसका एक इंच ही अंदर गया था मेरे मुँह से सिसकी निकल आई. हिंदी XXX धीरज और फरहान दोनों के हाथ में ड्रिंक के गिलास थे. रास्ते में धीरज के साथ मेरी काफी बात हुई जो मैं आप को अपनी नेक्स्ट कहानी में बताऊंगी.अपने दोस्तों के साथ शेयर करे- फरहान ने अपना लंड मेरे मुँह में डाल दिया जो की काफी बड़ा था मैं मुँह में नहीं लेना चाहती थी. मैं आआआआअह्ह्ह्ह कर के चिल्ला दी धीरज भी अपना लंड शालिनी की चूत में डालने के लिए तैयार था.जैसे ही उसने अपना लंड शालिनी की चूत में डाला वो तो बुरी तरह चिल्लाई. मैंने पुछा क्या हुआ तो कहने लगी इसका तो घोड़े जैसा है विशाल का तो इसके सामने कुछ भी नहीं अब धक्को का दौर शुरू हुआ पूरे रूम में मेरी और शालिनी की ऊऊऊऊह्ह्ह्ह ऊऊओह्ह आआआअह्ह्ह्ह मर गईईईईईई धीरेएएएएएएए की आवाज़ें ही आ रही थी.थोड़ी देर बाद मैं भी नीचे से उछाल उछाल कर विशाल का साथ देने लगी.















