मुझे तो बहुत मजा आ रहा है, और अन्दर तक डालो बेटा… ऊउह्ह्ह! हिंदी XXX क्योंकि आपकी गाँड़ है ही इतनी मस्त कि फ़िर मैं इसको रोजाना मारे बिना नहीं रह पाऊँगा।”अमर की ये बात सुनकर मेरे होंठों पर मुस्कान आ गई, और मेरी गाँड़ की तारीफ़ सुनकर मेरी चूत और ज्यादा पनिया गयी, मैंने कुछ बोलने से पहले एक बार फ़िर से अमर के लण्ड को पूरा मुँह में अन्दर तक लेकर एक जोर का सड़का मार दिया।”अरे अमर बेटा, तुम उसकी चिन्ता मत करो, अभी जो मिल रहा है उसका फ़ायदा उठा लो, बाद का जो होगा देखा जायेगा,” मैं माहौल का हल्का करने के अन्दाज में बोली।”ठीक है मम्मी, जो मिल रहा है उसका फ़ायदा उठा ही लेते हैं।””तुम चिन्ता मत करो, अगर आदत पड़ भी गयी तो भी मुझे तुम से रोज गाँड़ मरवाने में कोई आपत्ती नहीं है, जब चाहो मार लिया करना अपनी मम्मी की गाँड़, अब तो ठीक है?”अमर मुझसे चिपकता हुआ बोला, ”ओह मम्मी, आप बहुत अच्छी हो।””मेरा अच्छा बेटा, तो फ़िर आ जाओ,” मैं बैड के ऊपर चढकर घोड़ी बनते हुए, और गाँड़ को ऊपर उँचकाते हुए बोली, ”ले लो अपना इनाम, और मार लो अपनी मम्मी की गाँड़।”मैं अपने बेटे अमर के सामने घोड़ी बनकर अपनी गाँड़ को हिलाने लगी। अमर किसी तरह से मेरी मोटी हिलती हुई गाँड़ को देखकर अपने आप पर















