अभी तुमने विजय का इतना बड़ा लिंग अंदर डलवाया था पर इसका असर नहीं हुआ, वापस वैसे की वैसे हो गई जैसे पहली बार कर रहे हों।“हाँ दीपू भाई ! XXX Hindi आई लव यू विजय ! यार तुमने जन्नत दिखा दी !और जोर जोर से उसका लिंग मुँह में लेने लगी, वो मेरे कबूतर दबाने लगा था ! तो क्या तुम 16 साल के थे तब से ही इतना सब जानते थे क्या?”“हाँ भाभी, मैं सब जनता था ! मेरा लण्ड खड़ा है तुमको चोदने के लिए !” यह कहते हुए वो अंदर आया- अरे यह कौन है? ऐसा मत करना, मैं मर जाऊँगी।विजय ने कहा- दीपू भाई, आओ, अब तुम भी डालो !विजय ने पीछे से अपना लिंग मेरी चूत में डाल दिया और दीपू आगे से डालने लगा पर विजय के बड़े और मोटे लिंग के कारण नहीं जा सकता था। विजय ने अपना काम चालू कर दिया, दीपू चुपचाप उठा और मुँह में लग गया। मुझे फिर से जोश चढ़ने लगा.और सोचने लगी- काश रुपेश इन दोनों को मुझे चोदने की इजाजत दे दे तो क्या मजा आये ! वो फिर से तैयार था, फिर उसने जोर जोर से मुझे पेला, मैं दो बार झड़ गई। अब उसका निकलने वाला था, वो बोला- भाभी अब क्या करूँ?मैंने कहा- आओ, मेरे मुँह में आ जाओ !और उसने सारा वीर्य मेरे मुँह















