स्वामी जी भाँप गये की सुंदरी लंड की प्यासी है और इसका मर्द इसे सॅटिस्फाइ नही कर पाता.वो बोले: स्वामी जी–` देवी कैसी हो, सब कुशल तो है ?`अंजू– `हां स्वामी.जी ठीक ही है.` स्वामी जी — `नहीं देवी ठीक नही, मुझे बताओ, में तुम्हारी समस्या दूर करने की कोशिश करूँगा.`अंजू –` नहीं स्वामी जी कुछ नही.`कहने को तो अंजू ने कह दिया मगर मन में सोच रही थी के काश कुछ ऐसा हो जाए की स्वामी जी आज उसकी चोद चोद कर मन की मुराद पूरी कर दें. हिंदी XXX वहाँ से होम वर्क कर के 6 6.30 बजे आती है.`स्वामी जी समझ गये की मामला सॉफ है और चुदाई हो सकती है. सेठ का लंड भी इसकी चूत में समाता नही है. हमारे आश्रम के पास बहुत पैसा है. क्या तुम मुझे सुन रही ही ?`अंजू `हां स्वामी जी`स्वामी जी –` क्या तुम समझ रही हो में क्या कह रहा हूँ.`अंजू — `हां स्वामी जी `स्वामी जी –` ठीक है, अब अपना ध्यान अपनी समस्या पर लगाओ.`इतना सुनते ही अंजू के सामने स्वामी जी का शरीर और लंड घूम गया.स्वामी जी –`क्या तुम अपनी समस्या को समझ सकती हो?`अंजू — `हां.स्वामी जी.` स्वामी जी –` क्या ये तुम्हारे पति से संबंधित है?`अंजू–`हांस्वामी जी` –`क्या ये सेक्स से संबधित है?` –………. अंजू ने स्वामी का 8″ का 3″ गोलाई का लंड हाथ में















