आप कही भी शुरू हो जाती हो” धर्मेन्द्र झेंप कर बोला.“क्यों तुझे अच्छे नही लगे मेरे दूध। तेरे अंकल रात में मुंह में लेकर चूसते है और फिर मेरी चूत बजाते है” मैंने कहा.“आंटी!! मजा आ रहा है!! हिंदी XXX और अच्छे से करो धर्मेन्द्र बेटा!!” मैं कहने लगी.धर्मेन्द्र अब ऊँगली भी चूत में चला रहा था और जीभ लगाकर चाट भी रहा था। बड़ा देर उसने मेरे साथ रति क्रीडा की और मुझे चरम सुख दिया। फिर मैं झड़ गयी और मेरी चूत ने अपना फव्वारा छोड़ दिया।“चोद बेटा!! मजा आ रहा है!! और अच्छे से करो धर्मेन्द्र बेटा!!” मैं कहने लगी.धर्मेन्द्र अब ऊँगली भी चूत में चला रहा था और जीभ लगाकर चाट भी रहा था। बड़ा देर उसने मेरे साथ रति क्रीडा की और मुझे चरम सुख दिया। फिर मैं झड़ गयी और मेरी चूत ने अपना फव्वारा छोड़ दिया।“चोद बेटा!! क्या सेक्सी बदन दिया है गॉड ने तुमको” धर्मेन्द्र बोला और मुझे पकड़ लिया.मेरे सफ़ेद बूब्स चमचमा रहे थे और बेहद कमनीय दिख रहे थे। धर्मेन्द्र ने बेताबी से मेरे रसीले स्तनों को पकड़ लिया और दबाने लगा। मैं “……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” करने लगी। उसके बाद वो दीवाना होता चला गया।मेरे दूध को मसल मसल कर मजे लुटने लगा। मैं भी उसके झांसे में आ गयी और दबवाने लगी। “दबाओ धर्मेन्द्र!! आप कही भी शुरू हो जाती हो” धर्मेन्द्र झेंप कर बोला.“क्यों















