उसके बाद मैने अपने हाथ उनकी पॅंट की ओर बढ़ाए. उसके होंठ काफ़ी देर तक निपल्स से खेलने के बाद वापस नीचे की ओर फिसलने लगे. XXX Hindi उनके होंठ मेरे कर्मरास से चमक रहे थे. मैने जल्दी जल्दी खाना तैयार करके टिफिन मे पॅक कर दिया. इतना दर्द हुआ कि बता ही नहीं सकती मगर फिर धीरे धीरे उसकी आदि हो गयी. फिर पॅंट के बटन्स खोलकर पूरे बदन को नग्न कर दिया. उसका गरम मोटा लंड मेरी जीभ के उपर से सरसरता हुआ अंदर प्रवेस कर गया. “जल्दी बाजी नहीं. उनके बदन की चुअन पूरे शरीर मे बिजली सी दौड़ा दी थी. अभी कोई बच्चा नही हुआ था. “Family Mein Mast Sex”“आज तो कत्ल कर के रहोगी लगता है.” उन्होने कहा.” भगवान ही अब मुझे बचा सकता है.” मैं उनकी बातें सुन कर शर्मा गयी. रात मे दीदी के सो जाने के बाद प्रताप जी को बुला लिया. मुझे बाहों मे लेकर डाइनिंग टेबल पर आगये. मेरी जेठानी की डेलिवरी के समय कॉंप्लिकेशन्स आ जाने के कारण अर्जेन्सी मे मे गइ थी. हमारा परिवार काफ़ी ओपन ख़यालों का है. हम दोनो एक दूसरे के ग्लास से जूस पीने लगे. सारा बदन मानो साँचे मे ढला हुआ था. उनकी जीभ मेरे मुँह का मुआयना करते हुए मेरी जीभ के साथ अठखेलियाँ कर रही थी.















