गाँव की गर्म माल कामवाली बाई को पड़ोस के मर्द ने चोद-चोद कर निचोड़ डाला

इसके पहले और बाद के नंबर के नोट मेरे पास हैं।मैंने उसे बाकी के चार नोट दिखा दिए तो उसका चेहरा फक से रह गया, बोली- मुझे माफ़ कर दो!मैंने कहा- तुम झूठ क्यूँ बोल रही थी?बोली- मुझे रूपये की जरूरत थी।मैंने कहा- मुझसे बोलना था, 500 क्या 10000 दे देता!तुरंत बेशर्मों की तरह बोली- सच?मैंने भी कह दिया- हाँ!और एक और नोट उसके हाथ में थमा दिया।फिर मैंने हिम्मत करके कहा- इसके बदले में मुझे क्या मिलेगा?बोली- तुम्हें क्या चाहिए?मैंने भी आंख मारते हुए कह दिया- तुम!बोली- क्या मतलब?मैंने कहा- कभी-कभी जरूरत पर मैं तुम्हारा काम चला दिया करूँगा, तुम मेरा चला दिया करो! XXX Hindi उदित, तुम्हारा चुदाई करने का तरीका बहुत अच्छा लगा। दोपहर का समय हो रहा है, मैं अपने कमरे जा रही हूँ, विवेक के आने का समय होने वाला है।यह कह कर वह कपड़े पहन कर चली गई। मैं भी फिर से नहा कर विवेक के आने से पहले घूमने निकल गया। उसके बाद मेरी बीवी के लौटने तक हम दोनों रोज छककर चुदाई करते रहे।विवेक के जाते ही पूजा मेरे पास आ जाती मेरे लंड से खेलते हुए अपनी चुदाई जी भर के करवाती लेकिन अपनी फरमाइश जरूर बताती और उस हिसाब से मुझसे रूपये ले जाती। मेरी बीवी के आने के बाद जब कभी भी मौका मिलता हम लोग ऐसा मौका कभी नहीं छोड़ते थे। यह

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