जहा अंकल कल की तरह सिर्फ़ अंडरवेयर मे थे. हिंदी XXX मैं चाहता हूँ की आज रात ये गजरा आप लगाए.माँ गजरा लेकर अंदर चली गयी. अंकल का लंड माँ की चूत पे चुभ रह था जिसे माँ और उतेज़ित हो गयी थी. माँ वही खड़ी हो गयी.फिर अंकल ने भी एक पेग बनाया और माँ को देने लगे. तभी अंकल अंदर आए और पीछे से माँ को अपनी बाँहों मे भर लिए.माँ– ये आप क्या कर रहे है, छोड़िये मुझे.अंकल- समधन जी ५ साल हो गये, इन ५ सालो मे मुझे वो सुख नहीं मिला.माँ– देखिए मैं आपकी भावना समझ सकती हूँ. और माँ अंकल का लंड हाथ मे लकर् आगे पीछे करने लगी.अंकल– आप कैसे निकाल लिए इतनी राते बिना चुदाई के.माँ- तो कर भी क्या सकती मैं.अंकल- मैं भी बहुत तड़पा हूँ. अंकल का काला लॅंड माँ सेक्सी निगाह से देख रही थी. उसके बाद मैं अपने कमरे मैं आके सो गया. भाभी भी बोली हाँ पापाजी बुला लीजिए.माँ- हाँ बुला लीजिए.यानि की सबने हां में जवाब दिया.दूसरे दिन पापा ने अंकल को फ़ोन कर बुला लिए. माँ पूरी पसीने पसीने हो गयी थी. 3-४ दिन बाद ही अंकल और आंटी और दीदी जीजू हमारे घर आ गये, हम सब ने उनका स्वागत किया.















