हमारा दोनों का मिलन हुआ हमारी सांसे तेज चलने लगी और मैंने दोनों टांगे कस कर कमर से और कस दिया. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.पर अब वो कब मानने वाला था. XXX Hindi फिर वो जगे तो वापस घर के लिए बस में बैठे. पर वो आसमान की उचाई की और मुझे स्वर्गीय सुख देते जा रहे थे.वो दना दन चोदते रहे और अपने प्यासे लंड की पूरी तरह चोद चोद कर प्यास बुझाने लगे. पर वो आसमान की उचाई की और मुझे स्वर्गीय सुख देते जा रहे थे.वो दना दन चोदते रहे और अपने प्यासे लंड की पूरी तरह चोद चोद कर प्यास बुझाने लगे. कभी-कभी मैं कभी ब्रा नहीं पहनती और केवल गाउन और पेटीकोट ही पहनती ताकि वह मेरा शरीर देख सके, मैं उससे प्यार करती हूं काश वह मेरे साथ कुछ करे लेकिन ओह फिर भी जानती हूं… मैं व्यर्थ हूं.एक बार वो मेरे घर आये और मैंने उनसे कहा क्या अपनी सखी को कहीं बाहर घुमाने नहीं ले जायेंगे. मैं अह्ह्ह ओह्ह्ह्ह ओह्ह करती रह गयी सच में उस दिन मेरी चूत कुवारी सी लग रही थी. उसने झुक कर धीरे धीरे चूत को चूमने लगे. तो काफी अँधेरा हो चूका था. तब तीसरा और एक दो एक दो करता हुआ लंड अपनी मंज़िल की और आगे बढ़ गया. और अपनी टांगे















