और जो कुछ भी तुम्हारे अंदर है उसको मुझे बताओ ताकि मैं उस समस्या को दूर कर संकू।“मुझे तलाक चाहिये।” उसने इस शब्द को अपने रूँधे हुए गले से कहा।मैं एकदम धक से रह गया- तलाक!!! XXX Hindi वंदना ने भी मुझे कस कर अपनी बांहों से जकड़ लिया।मैंने वंदना से पूछा- वंदना, तुम तैयार हो?“हूम्म!” मेरी पुत्रवधू ने एक संक्षिप्त उत्तर दिया।मैंने धीरे-धीरे वंदना को बिस्तर पर लेटाया और उसके सीने से साड़ी हटाते हुए उसके सीने को चूमते हुए पेटीकोट में फंसी साड़ी को हटाया और पेटीकोट का नाड़ा खोलकर अपना हाथ उसके अन्दर डालते हुए उसकी चूत पर फिराने लगा.वंदना की चूत गीली हो चुकी थी। मैंने उसके कान को दांतों के बीच फंसाते हुए कहा- वंदना तुमने तो पानी छोड़ दिया।वंदना बोली- आज सुबह से केवल आपके बारे में सोच रही थी। मैं कितना बर्दाश्त करती, जैसे ही आपने मुझे छुआ, मैं गीली हो गयी। प्लीज आप ऐसा करते रहिये, आपका इस तरह सहलाना मुझे बड़ा अच्छा लग रहा है.इतना कहकर वंदना ने अपने पैरों को सिकोड़ते हुए अपनी टांगों के बीच थोड़ा गैप बना दिया। वंदना की चूत गीली हुयी तो क्या हुआ, मेरे हाथ अभी भी उसके अनारदाने को मसल रहे थे और उंगली को अन्दर डालने का प्रयास कर रहे थे।फिर मैंने उसके ब्लाउज के ऊपर से ही उसके खरबूजे को बारी-बारी मैं अपने मुंह में लेता










