उम्ममम्मम्म.. Sexy Chachi Ki Chudaiसुबह 7 बजे असम बस स्टैंड पहुचने पर मैंने वहां से अपने गाँव के लिए लोकल बस पकड़ी और 9 बजे अपने गाँव पहुच गया. हिंदी XXX मैं इस चूतियापे भरी घटना के बारे में जानना चाहता था.मैं- चाची, मुझे जंगल में जाना है, देखना है कि वहां ऐसा क्या था कि चाचा पागल हो गया.चाची- नहीं सात्विक, तू नहीं जा सकता, वहां कोई भी नहीं जाता है, और जो जाता है या तो वो कभी लौट कर नहीं आता या तेरे चाचा की तरह पागल हो जाता है.मैं- ये सब अंधविश्वास है चाची, मैं एक दिन जाकर जरूर पता लगाऊंगा कि क्या राज़ है.चाची- प्लीज सात्विक, मत जाना, तुझे मेरी कसम, अब तेरे सिवा मेरा इस दुनिया में और कौन है, तेरे चाचा तो अब मुर्दे के समान हैं, मेरी तो जिंदगी बर्बाद हो गयी, मैंने इन्हें मना भी किया था कि मत जाओ, मत जाओ, लेकिन यह नहीं माने.मैं- अरे चाची, काहे घबराती हो, मैं चाचा के जैसे रात में थोड़े ही जाऊंगा, दिन मैं जाऊंगा. करीब एक महीना गाँव में रहकर मेने चाची की खूब चुदाई करी. भतीजे, ऐसे ही, अह्ह्ह्हह्ह.. उईईईई.. उर्रर्रर्रर्रर्र.. हम दोनों एक दूसरे की आँखों में देखे जा रहे थे, चाची के सांस लेने के साथ साथ उनके उरोज ऊपर नीचे हो रहे थे.यह विहंगम दृश्य देखकर मेरे लोड़े ने हरकत करनी शुरू करदी















