तेरी तो मैं माँ चोद दूँगा रंडी कही की!मैंने 2 3 तमाचे कीर्ति के चुत्तड़ो पर फिर रसीद कर दिए। वो रोने लगी। मैं मजे से उसकी गाड़ फाड़ता रहा। मैं वहसी दरिंदा हो गया था। मैं करता ही क्या? हिंदी XXX मुझसे नही गाण्ड मरवा पा रही थी। क्या मैं मर्द नही हूँ। क्या मैं उसकी गाण्ड नही फाड़ पाता। मैं कस कस के वहसी धक्के देने लगा।मेरा लण्ड कीर्ति की गाण्ड में पूरा अंदर तक धस गया। मैं जोर जोर से जोश से अपनी सगी बहन की गाण्ड चोद रहा था।ये ले! कितना लण्ड खाएगी?? कीर्ति बोली.कोई बात नही! कब तूने चुदवा लिया?? मैंने बहना से कहा.भइया! कीर्ति बोली.बहना! सच सच बात किसने तेरी गाण्ड चोदी?? कीर्ति बोली.हरामिन! मैंने बहना से पूछा.भइया भइया! मैंने कहा।फिर खाना खाने के बाद मैंने थोड़ी आग जलाई। हम दोनों भाई बहनों ने अपना बदन गरम किया। फिर जलती आग के बगल ही हम दोनों लेट गए। मैंने उसके पैर को खोल दिया। कन्धों पर रख लिया और खूब चोदा छिनार को। फिर मैंने उसको गोद में उठा लिया और उचका उचका कर खूब चोदा हरामिन को। फिर गोद में उठाकर ही मैंने अपनी जवान चुदासी बहन की गाण्ड भी मारी। अगले दिन मेरे चाचा हमारा रजाई गद्दा ले आये। अब हम अलग अलग कमरों में अलग अलग बिस्तर पर सोने लगे। फिर हम दोनों ने कभी















