कीर्ति बोली.बहना! हिंदी XXX मैं किसी से नही कहूँगी की तुमने मुझको चोदा खाया है! तेरी तो मैं माँ चोद दूँगा रंडी कही की!मैंने 2 3 तमाचे कीर्ति के चुत्तड़ो पर फिर रसीद कर दिए। वो रोने लगी। मैं मजे से उसकी गाड़ फाड़ता रहा। मैं वहसी दरिंदा हो गया था। मैं करता ही क्या? वादा है! जब जीतेन्द्र अंकल के लड़के से गाण्ड मरा रही थी, तब नही तुझे चोट लग रही थी! कीर्ति बोली.हरामिन! फिर मत कहना की लण्ड की प्यासी है! सच सच बात किसने तेरी गाण्ड चोदी?? फिकर मत कर! मैंने दुलार दिखाया और उसको माथे पर चुम लिया।भइया! मुझसे नही गाण्ड मरवा पा रही थी। क्या मैं मर्द नही हूँ। क्या मैं उसकी गाण्ड नही फाड़ पाता। मैं कस कस के वहसी धक्के देने लगा।मेरा लण्ड कीर्ति की गाण्ड में पूरा अंदर तक धस गया। मैं जोर जोर से जोश से अपनी सगी बहन की गाण्ड चोद रहा था।ये ले! अब क्यों तेरी गाण्ड फट रही है?? कीर्ति बोली.हरामिन! मुझे भूख लगी है। जा कुछ बना! मैंने कहा।चल कुतिया बन! अब क्यों तेरी गाण्ड फट रही है?? मुझसे नही गाण्ड मरवा पा रही थी। क्या मैं मर्द नही हूँ। क्या मैं उसकी गाण्ड नही फाड़ पाता। मैं कस कस के वहसी धक्के देने लगा।मेरा लण्ड कीर्ति की गाण्ड में पूरा अंदर तक धस गया। मैं जोर जोर से जोश















