माँ के मुँह से आह.. मैं यही मौका खोज रहा था. XXX Hindi अचानक याद आया की घर में होली की बची हुई भांग रखी थी.मैंने वो भांग निकाल कर कोल्डड्रिंक्स के गिलास में मिला दी. फिर मैंने माँ को घोड़ा बनने को कहा तो वो रेडी हो गयी. अब मैं माँ के बगल में ही चिपक कर सो गया. अब मैं जम्प करके दबाने लगा फिर कमर में हाथ देकर बूब्स पकड़ लिए वो कुछ नहीं बोली.फिर मैंने कहा की फोटो वाले सीन्स की तरह करते है. फिर मैं उसके ऊपर घोड़े की स्टाइल में चढ़कर धीरे धीरे कूदने लगा.मेरे लंड उनसके गांड से कपड़ो में टच हो रहा था. फिर मैंने अपना लेग माँ के ऊपर रख कर दबाया और बूब्स पर हाथ दबाने लगा. माँ से मैंने पूछा ये दोनों क्या कर रहे है. अब तो उनको भी पूरा मज़ा आया क्या आवाज़ निकल रही थी जोर जोर से बोल रही थी आह्ह्हह्ह.. मैंने पूछा फिर कभी मौका मिलेगा.. अब मैंने उनके बूब्स भी दबा दिया मुँह से उनके होठो को जोर से चूसने लगा और धक्का भी लगा रहा था. मैंने जोर जोर से दबाकर चूसने लगा. मैं बोला माँ बहुत मज़ा आ रहा यही स्वर्ग है क्या वो जोर जोर से कमर उछालने लगी.उसकी आवाज़ भी अब बहार आ रही थी. और मुझे लगा की भांग का नसा जोरो















