गुप्त देसी हाथों का मजा

मैंने सोचा की अगर मैंने गिरा दिया तो गलत हो जायेगा, आज किसी तरह से मुझे चुदाई करना है. और मैंने कहा घुसाऊं चूत में तो वो बोली ठीक है धीरे धीरे.और मैंने अपने लंड पे थोड़ा थूक लगाया और उनके वर्जिन चूत पे रखा और, तीन चार बार कोशिश करने के बाद मैंने चूत पे लंड की डाल दिया. हिंदी XXX अब आप बड़ी हो गई हो, और मैं आज आपको छोड़ने बाला नहीं हु.सावित्री बोली ना बाबा ना मैं नहीं सोऊंगी….. मैं अपने कमरे से निकला और उसके बाथरूम के पास पंहुचा, अंदर नल चलने की आवाज आ रही थी. तुम और सावित्री दोनों यही रहो, कल मैं दोपहर तक आ जाउंगी. और मैंने इतना सुनते ही उनके ऊपर चढ़ गया और होठ को चूसने लगा. ससुराल भी गया क्यों की, मेरे ससुर नहीं है उनका देहांत हो गया है और साला भी नहीं है तो मैं ही मर्द हु उनके परिवार में तो मेरी रेस्पोंसिब्लिटी बढ़ गई है.मेरी सास की उम्र ज्यादा नहीं हो रही है, अभी भी वो बहूत ही ज्यादा हॉट लगती है. मैं सुबह करीब १० बजे ससुराल पहुच गया, बात चीत हुई, मेरी सास और साली दोनों काफी खुश थे मेरे आने से. सच में आपको बहूत चाहता हु, काश मेरी शादी आपके साथ होती…. सब ने खूब एन्जॉय किया.पर मेरे सास के मायके से फ़ोन आ

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