जब भी पलक को कोई सब्जेक्ट में दिक्कत होती या कुछ पूछना होता वो मेरे घर चली आती. XXX Hindi और वो आह आह आह और मैं हाय हाय कर रहा था.तभी पलक आ गई कमरे में और बोली मम्मी आप दोनों क्या कर रहे हो आप दोनों को शर्म नहीं आती है?पलक की मम्मी बोली तुम यहाँ क्या कर रही हो?तो पलक बोल उठी मैं तो आपकी रंगरेलियां देखने के लिए ही उठी थी, मैं तो कब से आपके जलवे देख रही हु परदे के पीछे से, तो पलक की मम्मी कहने लगी. तो पलक बोल उठी हां हां चुद तो आप रहे थे किसी गैर मर्द से पापा के एब्सेंट में और शर्म मुझे होना चाहिए, आने दो पापा को मैं सब बात बताउंगी, आजकल आप बिना सेक्स के नहीं रह पा रहे हो तो पापा को क्यों जाने देते हो. दे दो लण्ड अपना मेरे चूत में. पर ये एक दिन हकीकत में बदल गया मेरा सपना.एक दिन की बात है, पलक की मम्मी मेरे यहाँ आई और अपने बेटी के लिए कुछ कोर्स की बात करने आई, मेरे कहने के मुताबिक पलक बीएड में दाखिला लिया, तब से हम दोनों घर बालों के बिच में एक रिश्ता बन गया, आना जाना हो गया, जब भी उसके यहाँ कुछ अच्छी चीज बनती थी मेरे घर जरूर भेजती और मेरे यहाँ से















