मेरी अभी तक शादी नहीं हुई थी. अब तो मुझे अपने पति से इजाज़त भी मिल गई. XXX Hindi मैंने अनमोल से कहा- जब तुम्हारे भैया की शादी नहीं हुई थी, तब तुम्हें कौन जगाताथा?वो हंस कर बोला- भैया जगाते थे.अनमोल फ्रेश होने चला गया और मैं उसके लिए नाश्ता बनाने चली गई. मुझे जरा सा भी एतराज नहीं है और ना ही मैं तुम्हें मना करूँगा. मैं बहुत देर तक उसके लंड को चूसती रही. उस दिन जब मैं रात में सोने के लिए अपने रूम में गई तो भावेश जाग रहे थे. इसके बाद आपको मैं कहानी का अगले भाग में बताऊंगी कि मैंने अपने देवर के मोटे लंड से चूत चुदाई की डिग्री हासिल कर लेने के बाद क्या क्या गुल खिलाए.अपने दोस्तों के साथ शेयर करे- मैं मछली की तरह तड़फने लगी. उसी मल्टीनेशनल कम्पनी में भावेश भी काम करने के लिए आए. दर्द के मारे मेरे मुँह जोर की चीख निकली और मेरी आँखों में आंसू आ गए. जब से उन्होंने ऑफिस ज्वाइन किया था, तब से ही मैं मन ही मन उन पर मर मिटी थी. जोश के मारे मेरी चुत गीली होने लगी. मैंने केवल तौलिया को अपने बदन पर लपेट लिया क्योंकि आज मुझे देवर से चुदाई करवानी थी. मैंने अभी तक भावेश के लंड के जूस का स्वाद नहीं लिया था, इसलिए मुझे उसके लंड















