मुझे अच्च्छा तो नहीं लगा लेकिन उसके जीभ ने मेरे चूत को जो आनंद दिया था उसके बदले मैं उसका चूत चाटने लगी. XXX Hindi मुझे अकेले सोने मे डर लग रहा था इस लिए उस दिन मैं सोने के लिए तुम्हारे घर आगेई. एक दिन तुम कहीं बाहर गये थे, मेरा पति भी नहीं था. मेरा हाथ बालों से टकराया और मैं झूम उठा की भाभी भी मज़ा लेने की तैयारी करके ही आई है.जैसे ही मैने चूत में अंगुल डालनी चाही उसने सारी पर से मेरे हाथ को रोक दिया और बोली, ” ऐसे नही कोई देख लेगा”. मेरे साथ मेरा परिवार भी है. फिर भी हम पति पत्नी में बहुत कमाल है और जहाँ तक मैं समझता था हम आपस में कुछ नहीं छिपाते.दोस्तों जब रिश्ते बहुत करीब के हों तो ऐसा विश्वास बन जाता है. मुझे अकेले सोने मे डर लग रहा था इस लिए उस दिन मैं सोने के लिए तुम्हारे घर आगेई. वह वैसे ही सोई रही. मैं अपनी चूत को ज़ोर ज़ोर से उसके हाथों पर र्गादने लगी.मैं ने अपना एक हाथ उसके चूची पर रख कर उसके चूची को मसलना शुरू किया और दूसरे हाथ को पेटीकोत के अप्पर से ही उसके चूत पर रख कर दबाने लगी. हर रोज यहाँ से काई बसें काठमांडू जाती हैं और सब की सब फुल रहती है.















