अंदर ब्रा नहीं पहनी थी.प्रेरणा ने कहा भैया आज जहा से तुम झांक रहे थे रोज रोज मैं वही से झांकती हु, मेरा मर्द किसी और औरत को चोद रहा होता है और मैं चुपचाप सब कुछ वही से देखते रहती हु, मैं कुछ भी नहीं कर सकती. हिंदी XXX मुझे चोदो मेरी जवानी को भोगने बाला कोई नहीं है. मैंने भी पहले उसके मुह में ही लंड को डालने लगा. क्यों की मैंने अपनी जांघिया भी वही उतार कर कूलर पर रख दी थी.मैं जैसे मुड़ा प्रेरणा मेरी आँखों में आँखों डाल कर देख रही थी. मुझे भोगो, मुझे जो करना है जैसे करना है करो मैं नहीं रोकूंगी. दोस्तों करीब १० मिनट के बाद ही में ही उसके कमरे से आह आह आह आह उफ़ उफ़ उफ़ उफ़ ओह्ह ओह्ह और पलंग की आवाज आने लगी. बदन भरा पूरा है, ज्यादा लंबी नहीं है. मैंने भी पहले उसके मुह में ही लंड को डालने लगा. मुझे लग रहा था मैं अंदर जाकर चोद दू. पर कुछ कर नहीं सकता था सिर्फ मूठ मार कर काम चला लेता था.हां एक बाद और है की मैं अपने बहन की चार चार पेंटी और ब्रा चुरा ली थी और अभी रोज रात को लंड से सटा कर मूठ मारा करता था और सूंघता था.















