देसी चूत की उंगलियों से रस की बौछार

पहले वो थोड़ा झिझका फिर धीरे से उसके होंठ खुले और मेरा एक निपल मुँह मे प्रवेश कर गया. XXX Hindi मैने उनके लंड को अपने चूत के मुहाने पार रख कर उनके लंड पर बैठने के लिए ज़ोर लगाई मगर अनारी होने के कारण एवं मेरी चूत का साइज़ छोटा होने के कारण लंड अंदर नाहीं जा पाया. कॅबिन मे आने के बाद वो हमेशा बदन पर पयज़ामा पहना रहता था. मेरी जिंदगी मे हुलचल पैदा करके भागने की सोच रहे थे. किस कर करके पूरा मुँह भर दिया.“कहाँ चले गये थे? ऊउउउउईईईईइ मा मर गई” मैं बुरी तरह तड़पने लगी. मैने जिंदगी मे पहली बार किसी से प्यार किया था. उसके निपल्स को दाँतों से हल्के से काट दिया. चाहे जिस रूप मे मुझे स्वीकार करो” मेरी आँखें नम हो गयी.“जब सब सोच ही लिया तो फिर तुम जब चाहे फेरों का बंदोबस्त कर लो. मैं मानने लगी थी कि शायद मेरी किस्मेत मे कोई है ही नही. उसे बेड के पास खड़ा कर के मैं उसके कपड़ों पर ऐसे टूट पड़ी मानो कोई भूखा किसी स्वादिस्त खाने को देख कर टूट पड़ता है. मेरा गुलाबी बदन सिर्फ़ दो छोटे कपड़ों से ढका हुआ था.मैने अपने गाउन को शरीर से अलग कर दिया. किसी के हाथ खबर भी नही भिजवा पाई क्योंकि इसके लिए उसे सब कुछ बताना पड़ता जो कि मैं

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