और मैंने सोच की आज नम्रता के साथ सेक्स करूँगा. हिंदी XXX फिर थोड़ी देर बाते की और उसके बाद नम्रता मुझको अपने रूम में ले गयी.मैंने नम्रता से कहा कि तुम स्कूल ड्रेस पहन लो उसमे तुम ज्यादा अच्छी लगती हो, वो ड्रेस पहन कर मेरे सामने आ गयी. मेरी ये बात सुनकर वो वंहा से चली गयी. अब मैं ये सोचने लगा कि कैसे उससे अपने दिल की बात कहु.इसी सोच में कई महीने गुजर गए पर मैं उससे अपने दिल की बात नही कह पाया. और तृप्ति का जिसके साथ चक्कर चल रहा था वो लड़का मेरा दोस्त था, तो हम लोगो मे कोई बात छुपी हुई थी.एक दिन नम्रता ने बताया कि उसकी मम्मी 3 दिन के लिए गाव जा रही है. लगभग मैंने 15 मीन्स तक उसको लिप्किस की उसके बाद मैंने नम्रता को गोद मे उठाया और बेड पर लेट दिया.और मैं उसके पैरों की तरफ बैठ कर उसकी टांगो को किस करने लगा, जिससे नम्रता भी गर्म होने लगी और आहे भरने लगी. तो वो मुझ पर गुस्सा हो गयी उसका भी गुस्सा होना सही था. अब मैंने उसके बारे में जानकारी की तो पता चला वो इंटर क्लास में थी और उसका नाम नम्रता था.















