करके आंहें भरने लगी।फिर सर ने अपनी पूरी जोर लगा के मेरी चूत को मारने में लगे। मै तो पागल हुई जा रही थी धीरे धीरे मेरी चिलाने की आवाज़ और सर के चोदने की रफ़्तार तेज होती गयी प्लीसससससस……..प्लीसससससस, माँ माँ… प्लीसससससस……..प्लीसससससस, उ उ उ उ ऊऊऊ ….ऊँ..ऊँ…ऊँ…” माँ माँ….ओह माँ करके सिख रही थी।कुछ देर बाद मै अपने कमर को उठा के सर से चुदवाने लगी, हम दोनों को बहुत मजा आ रहा था। लगातार 50 मिनट तक सर ने मुझे जानवरों की तरहसे मेरी चूत की चुदाई की और फिर उन्होंने अपने लंड को मेरी चूत से बाहर निकाला।अब वो मेरी गांड मारना चाहते थे मैंने गांड मरवाने से मना कर दिया, लेकिन सर ने कह दिया की अगर गांड नही मरवाओगी तो मै तुम्हे पेपर नही दूँगा। मुझे मज़बूरी में ही अपने गांड को सर से मरवानी पड़ी। मै कुत्तिया के पोस में होगी सर ने अपने लंड को मेरी गांड को फैला के मेरे अंदर डाल दिया।मै दर्द से तडप रही थी और सर लगातार मेरी गांड को मारने में लगे हुए थे बहुत देर तक सर ने मेरी गांड को मारा और फिर अपने लंड को मेरी गांड से निकाल कर मेरे हाथो में मुठ मारने के लिए रख दिया। सर का लंड मेरे हाथो में आ नही रहा था क्योकि वो बहुत मोटा था।मैंने सर















