मैंने सब को बारी बारी से प्रणाम किया और बैठ गया, चाय बिस्कुट ली और फिर नानी जी से बात चित करने लगा.पर मेरी नजर हमेशा मामी पर ही था वो रसोई में खाना बना रही थी, और आ जा रही थी, मेरे तो ह्रदय के कमल खिल रहे थे उनकी मुस्कुराहट पे, मैं मामी को पूछा मामी जी मां जी कब आते है घर पे, तो वो बोली उनका कुछ भी पता नहीं, वो बड़े बिजी रहने लगे है आजकल कभी कभी वो नहीं भी आते है, क्यों की ऑफिस में भी सोने का जगह है.तभी बेल्ल बजा और मां जी आ गए, मैंने उनको भी प्रणाम किया पर वो मामी जी से बोले, जल्दी मुझे खाना दे दो मुझे अभी सूरत के लिए निकलना है, जरुरी काम आ गया है, और मामा जी खाना खाके जल्दी ही चले गए. XXX Hindi मैंने तो पागल हो जाउंगी अगर मेरे अंदर ये चला गया तो, और फिर वो मेरे होठ पे किश कर ली और मैंने भी उनको किश करते हुए उनके चूचियों को मसलने लगा. वो ब्लैक कलर की पेंटी पहनी थी मैंने पेंटी को खोल दिया और नाक में लगा के सुंघा तो वो बोली इसको क्यों सूंघ रहा था चूत जब तेरे सामने है, मैंने तुरंत ही उनके चूत को चाटने लगा.वो तो मानो पगाल सी हो गयी थी वो आ















