आशीष और रौशनी आपस में मजे मार रहे होंगे, इलसिए अब तुम भी मेरे पास आ जाओ!’ मैंने कहा.पर फिर भी वो शर्म करती रही. हिंदी XXX मन तो कर रहा था की ट्रेन में ही उसे नंगा करके चोद लूँ. कुछ देर में ज्योति की चूत किसी रसगुल्ले की तरह चासनी से भीग चुकी थी. आशीष और रौशनी आपस में मजे मार रहे होंगे, इलसिए अब तुम भी मेरे पास आ जाओ!’ मैंने कहा.पर फिर भी वो शर्म करती रही. वो जल्द से जल्द चुदवाना चाहती थी. जहाँ मेरी औरत रौशनी के चूत बिलकुल सपाट थी और बुर के ओठ बड़े छोटे छोटे थे वही आशीष की औरत ज्योति के चूत के होठ बहुत बड़े बड़े थे और उपर की ओर उठे हुए थे.जैसे ही मैं ज्योति की चूत के ओंठो को छूने लगा, उससे छेद छाड़ करने लगा, वो मचलने लगी और तड़पने लगी. मैं उसको लेने लगा. मैं हचर हचर करके उसको खाने लगा. ‘ज्योति जी !! मैं घप घप करके जरा झुककर ज्योति की चूत मार रहा था. चुदवाते चुदवाते उसका मुँह किसी प्यासी मछली की तरह खुल गया था. ‘ज्योति जी !! मैं अपनी ऊँगली से जोर जोर से ज्योति की लाल चूत के उपर उठे हुए ओंठो पर उसकी क्लिटोरिस को जोर जोर से घिसने लगा.जिससे ज्योति की चूत में खलबली मच गयी और वो अपनी कमर उठाने















