यह मेरे पड़ोस में रहनी वाली नंदिनी-गुंजन की कहानी जिनको मैंने गणित सिखाने के बहाने कैसे चोदा। एक दिन मेरे घर पर कोई नहीं था। उस दिन नंदिनी और गुंजन दोनों मेरे घर चली आई। मैं उनके लिए चाय बनाने के लिए रसोई में गया। वे दोनो गप्पे हांक रही थीं.. हिंदी XXX मुझे सब पता है वहां कैसी गणित की पढ़ाई होती है !गुंजन मुस्कुराते हुए) अच्छा तो तुझे सब पता है ! अच्छे से पीना.. चूची का दूध..नंदिनी : बदमाश ! तू भी बहुत अच्छी है..बात करते करते नंदिनी ने अपना दुपट्टा सरका दिया.. करीब मिनट के बाद मैं उसकी चूत में ही झड़ गया.. ज़रा मेरी खुजली मिटा दे ना?मैं: नीचे कहाँ नंदिनी ?नंदिनी : तू सब जानता है फिर क्यूँ पूछ रहा है?मैं: बोलो ना नंदिनी ! गुंजन को चोदने में ज्यादा मज़ा आया था क्या?मैं : नहीं नंदिनी तू कुछ माल है.. नंदिनी बहुत खुश थी.. दूध तो तू ही पिला सकती है.. मैं अब तुझे ही चोदूंगा..नंदिनी : अरे नहीं अंकेश ! फिर नंदिनी मेरे ऊपर सवार हो गई.. तुझे अपने बच्चे की तरह पिलाऊंगी..मैंने नंदिनी की गोद में सिर रख लिया.. पैंटी की मादक सुगंध मुझे दीवाना कर रही थी।फिर नंदिनी अपने हाथ मेरी पैंट के ऊपर से लंड को सहलाने लगी..















