ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.एक बार तो शालिनी और राकेश भी रुक से गये और में भी हैरत में खड़ा सोच रहा था कि क्या सच मूच मेरी बीवी इस औरत की चूत चूसेगी. XXX Hindi एक बार जब हमारी तरफ कोई नही देख रहा था तो उसने मेरा हाथ पकड़ अपनी चूत पे रख दिया और कहा, “किशोर मेरी चूत को अपनी उंगली से चोदो नो.”मेरा लंड मेरी पॅंट में एक दम तन चुका था. थोड़ी देर में वो अपने लंड का सूपड़ा सिर्फ़ अंदर रहने देता और एक झटके पूरा लंड दिव्या की गांड में डाल देता.दिव्या की गांड पूरी तरह खुल गयी और हर झटके को वो अपने कुल्हों को पीछे कर ले रही थी, “हाआआआअ डाल दो पूरा लंड मेयीयीयियी गाआअंड मे ओह आआआआआआआण और जूऊऊर से ःआआआआआआआण चोदो फद्दद्ड दो मईएरर्र्र्र्ररी गांड को.”दिव्या मियाँ बीवी के बीच सॅंडविच बनी हुई थी. हम दूसरे से कुछ भी करने को कह सकते हैं, जो पहले काम के लिए मना करेगा वो शर्त हार जाएगा.” उसने कहा.दिव्या ये बात सुनते ही उछल पड़ी “मुझे मंजूर है.” जब दिव्या हां बोल चुकी थी तो में कौन होता था ना करने वाला बल्कि में तो तुरंत शालिनी के ख़यालों में खो गया कि में उसके साथ क्या क्या कर सकता हूँ, और अगर उसने इनकार किया तो छुट्टियाँ















