तो मैंने उसके घर की अलमारी को खोला और उसकी माँ की काली कलर की पेंटी को बाहर निकाला और सफेद कलर की ब्रा पहन ली.और उसकी बहन की एक लाल कलर की पेंटी को अपने साथ लेकर उसे सूंघने लगा.. उस समय मुझमें एक लड़की नाच रही थी. हिंदी XXX उसकी लम्बाई करीब 5.10 इंच होगी और वो एक छोटे से लंड का था. में सिसकियाँ ले रहा था.फिर उसने अपने लंड का सुपड़ा मेरी गांड के छेद पर रखा और धीरे से धक्का लगाया तो मुझे थोड़ा दर्द हुआ. फिर मैंने उसकी अंडरवियर से उसका लंड बाहर निकाला और उसकी गोटियों को सहलाने लगा.वो सिसकियाँ ले रहा था.. चूस और ज़ोर से मेरा लंड अहह भड़वे अहह. अह्ह्ह शुभम में तेरी रांड हूँ फाड़ दे आज मेरी गांड को. क्या मस्त लंड था. वो बोला कि आज से तू मेरी रानी है और आज से में जो कहूँगा.. धीरे धीरे मेरी गांड में तेल डाला और एक उंगली.. अपनी बहन की गांड मार और वो भी मेरी यह बात सुनकर जोश में आ गया और कहने लगा. अहह रंडी ले मेरा पानी अह्ह्ह्ह. में बहुत बार उसके घर पर आया जाया करता था.और जब उसके घर पर कोई नहीं रहता तो में उसकी माँ और बहन की ब्रा और पेंटी को पहनकर अपने लंड को शांत किया करता था.















