और पापा बाहर चले गए. तो वो बोले की मम्मी मामा जी के यहाँ जा रही है. XXX Hindi वो मेरे पापा के कंधे पर हाथ रख कर बोले, थैंक्स. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.माँ को शायद दर्द हुआ वो कहने लगी. और फिर उन्होंने माँ के पेटीकोट का नाडा खीच दिया पेटीकोट निचे गिर गया, माँ अंदर कुछ भी नहीं पहनी थी.फिर जीतेन्द्र भैया ने माँ के ब्रा का को पीछे से खोल दिया और उनके चूचियों को दबाने लगा. जब मैं बड़ी हो गई अठारह साल की.तब मुझे कुछ हिम्मत हुआ की, आखिर क्या वजह है की मम्मी ऐसा काम करती है और उसका पति इसके लिए मना नहीं करता है बल्कि भेजता है. कुछ दूकान से खरीद लो.हम दोनों खुश हो गए, और दौड़कर तुरंत ही दूकान जाने लगे. मेरा पापा की कमाई ज्यादा नहीं थी. माँ के हाथ में चूड़ियां गड रही थी. क्यों की मुझे लग रहा था आखिर पापा मुझे बाहर क्यों भेजते है. तो मेरी माँ बोल तुम तो हरामी हो. और फिर मेरे घर में लड़ाई बढ़ गई. मैंने पूछा की पापा मम्मी कहा जा रही है.मम्मी तो जहा भी जाती है वो हम दोनों को साथ ले जाती है.















