Bahan Garam Chut Kahaniमहविश बाजी असल में भी बहुत जॉली नेचुरल की थी. हिंदी XXX एक दिन मेरी सब फॅमिली एक शादी में गए थे घर पर मैं अकेला था सो मैंने सोचा महविश बाजी की अलमारी से उनकी पेंटी और ब्रा देख कर मुठ मारू. तो मैं भी पीछे गया और आईडिया से उनके गांड पर हाथ फेर दिया.पहले तो कुछ नहीं बोली मेरी हिम्मत बढ़ी. मुझे से बड़ी चार बहन है. ऐसा ही कुछ मेरे साथ हुआ एक दिन महविश बाजी कंप्यूटर पर कोई काम कर रही थी. सो मैंने उनको किस करना चाहा तो बोली “तुमने नंगी देखने का बोला था.” पर मैंने उनकी बात अनसुनी करके बूब को मसलने लगा और एक हाथ से चूत में फिंगर भी डाल दी. “वही इरादा जो मामाजी का कल रात में स्टोर रूम में कर रहे थे.” जैसे ही मैंने कहा तो बाजी के चेहरे के रंग उड़ गए वो घबरा गई. लेकिन महविश बाजी के सेक्सी फिगर का जवाब नहीं था. हम बहन भाई आपस में बहुत प्यार मोहब्बत से रहते है. सो मैंने उनको किस करना चाहा तो बोली “तुमने नंगी देखने का बोला था.” पर मैंने उनकी बात अनसुनी करके बूब को मसलने लगा और एक हाथ से चूत में फिंगर भी डाल दी. “वही इरादा जो मामाजी का कल रात में स्टोर रूम में कर रहे थे.” जैसे ही मैंने कहा















