पिता समान बंधी किशोरी और उसकी सहेली को चोदता है

मैं ५ मिनट में ही पहुंच गयी उन्होंने दरवाजा खोला और मैं अंदर आ गयी बहार बहुत गर्मी थी इस वजह से मेरे माथे पे पसीना था.तो पुष्कर बोले अरे इतनी गर्मी में, मैंने कहा हां जरूरी था इस वजह से, पुष्कर के यहाँ बैडरूम में ही ऐ सी था तो बोले आप १० मिनट ऐ सी में ही बैठ जाओ. XXX Hindi पुष्कर जैसे ही अंदर आया मैंने देखा की वो मेरी चूची को घूर रहा है मैंने भी थोड़ा और झुक गयी पानी लेने के बहाने की पुष्कर को चूचियाँ और ज्यादा दिखे, मैं समझ गयी, वो देख रहा था.फिर वो मेरे सामने ही प्लास्टिक का चेयर लगा के बैठ गया मैंने पेट के बल लेट गयी और मुह उसके तरफ था. एक दिन मैं ऑफिस नहीं गयी थी मेरा पति भी कलकत्ता गया था किसी काम से तो मैं सोची की आज पुष्कर को फ़ोन करती हु, क्यों की मेरी सहेली गाँव गयी थी क्यों की बच्चों की छुटियाँ थी.पुष्कर भी ५ दिन बाद जाने वाला था ये बात मुझे पता था. मैंने भी भरपूर मदद की होठ चुस्वाने में धीरे धीरे उसका हाथ मेरे चूची पे गया और कस कस के दबाने लगा, मैं भी उसको चूमने लगी.बेड पे पैर फैलाकर लेट गयी वो मेरे ऊपर चढ़ गया, और कपडे के ऊपर से ही धक्क्के लगाने लगा और होठ चूस

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