मैंने मां जी के कहे अनुसार गुरु जी के पैर छुए.गुरु जी ने अपना हाथ मेरे सिर पर थपथपाते हुए मुझे आशीर्वाद देते हुए कहा – सदा सुहागन रहो, बहू…फिर गुरु जी ने मां जी की तरफ देखते हुए कहा – बहू तो बहुत सुंदर है मां जी और संस्कार बड़े अच्छे है… (गुरु जी के मुंह से अपनी तारीफ़ सुन कर, में हल्के से मुस्कुरा उठी.)मां जी- आप के कहे अनुसार ही हमारे गाँव का सरपंच के बेटी से ब्याह कराया है, अभिषेक का… सच कहूँ तो अगर आपने बहू की सिफारिश नहीं की होती तो ऐसी बहू पाने का सौभाग्य नहीं मिलता, गुरु जी…आस-पड़ोस की औरतें अब जा चुकी थी. मैं उनके सामने सिर्फ़ अपने पेटिकोट और पैंटी में थी. XXX Hindi मेरे बाहर आने के बाद मां जी ने मुझे गुरु जी से मेरा परिचय कराया और साथ में मुझे इशारे करते हुए उनके पैर छूने को कहा. उनके चेहरे पर मानो एक अलग सा तेज था. फिर उन्होंने मेरे लेफ्ट चुचि मुंह में ली और मेरी चुचि को चूसने लगे..ओह मा आ आअ स स्स्स्स्स् स स्स गुरु जी मेरी पैंटी पूरी गीली हो गई है… में झड़ चुकी हूँ, एम्म्म… गुरु जी ने मेरी चुचि को अपने होंठों के बीच कस कर भींचा और उनकी इस हरकत से मैं थोड़ा पीछे झुकी.










